- बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने आगामी माध्यमिक परीक्षाओं में फर्जी परीक्षार्थी (Impersonation) बैठने के मामलों पर रोक लगाने हेतु सख्त निर्देश जारी किए हैं।
- परीक्षा केंद्रों पर गहन तलाशी और सत्यापन के बाद ही परीक्षार्थियों को प्रवेश देने के निर्देश दिए गए हैं।
- केन्द्राधीक्षक, वीक्षक, दण्डाधिकारी और पुलिस बल की संयुक्त जवाबदेही तय की गई है।
- दोषी परीक्षार्थी, छद्म व्यक्ति और संलिप्त अन्य सभी लोगों पर कड़ी कार्रवाई कर समिति को रिपोर्ट भेजना अनिवार्य किया गया है।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा आयोजित होने वाली आगामी माध्यमिक परीक्षाओं को पारदर्शी, स्वच्छ और कदाचारमुक्त बनाने के लिए परीक्षा नियंत्रक (माध्यमिक) ने राज्य के सभी जिला पदाधिकारियों को पत्र जारी किया है। पत्र संख्या के०मा०-707/25-के०-2045, दिनांक 18.08.2026 के माध्यम से परीक्षा में परीक्षार्थी के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति (Impersonation) के बैठने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
प्रतिरूपण (Impersonation) रोकने हेतु कड़े दिशा-निर्देश
परीक्षा समिति ने स्पष्ट किया है कि विगत वर्षों में वास्तविक परीक्षार्थी की जगह किसी फर्जी व्यक्ति द्वारा परीक्षा देने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे परीक्षा की शुचिता प्रभावित होती है। समिति ने पाया है कि पूर्व में ऐसे मामलों की केवल सूचना दी जाती थी, लेकिन दोषियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट समिति को उपलब्ध नहीं कराई जाती थी। अब इस व्यवस्था में बदलाव करते हुए जवाबदेही तय कर दी गई है।
परीक्षा केंद्रों के लिए मुख्य निर्देश
- गहन जाँच एवं तलाशी: परीक्षा केंद्र पर प्रवेश से पहले परीक्षार्थियों की कड़ी जाँच-पड़ताल की जाएगी ताकि कोई भी अवैध या छद्म (Fake) व्यक्ति केंद्र में प्रवेश न कर सके।
- अधिकारियों की जवाबदेही: केन्द्राधीक्षक, वीक्षक, दण्डाधिकारी और पुलिस बल को सतर्क निगरानी रखने और प्रतिरूपण रोकने के लिए पूरी तरह जिम्मेदार बनाया गया है।
- कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट: फर्जी परीक्षार्थी (Imporsonator), मूल परीक्षार्थी और इस साजिश में शामिल अन्य सभी व्यक्तियों पर त्वरित कठोर कार्रवाई कर उसकी रिपोर्ट बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को भेजना अनिवार्य होगा।
परीक्षा की शुचिता बनाए रखने का संकल्प
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने दोहराया है कि वह कदाचाररहित और पारदर्शी वातावरण में परीक्षा आयोजित करने के लिए संकल्पबद्ध है। इस तरह के मामलों की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए जिला स्तर पर पूरी प्रशासनिक टीम को सजग और मुस्तैद रहने का निर्देश दिया गया है।