बिहार सरकार के शिक्षा विभाग अंतर्गत प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला कार्यक्रम अधिकारियों (SSA) को 'निपुण संवाद' पत्रिका के अगस्त अंक हेतु शैक्षणिक एवं रचनात्मक सामग्री आमंत्रित करने के संबंध में पत्र जारी किया है। निदेशक प्राथमिक शिक्षा कुमार निशांत विवेक द्वारा निर्गत इस पत्र के माध्यम से पत्रिका की पहुँच सभी प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों तक सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मिशन निपुण बिहार एवं पत्रिका का उद्देश्य
मिशन निपुण बिहार के तहत बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (FLN) के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए राज्य के विद्यालयों में विभिन्न नवाचार और शिक्षण-अधिगम प्रयास किए जा रहे हैं। इन अनुभवों और नवाचारों के व्यापक प्रसार के उद्देश्य से वर्ष 2023 से 'निपुण संवाद' पत्रिका का नियमित प्रकाशन किया जा रहा है।
सामग्री आमंत्रण की प्रमुख श्रेणियाँ
पत्रिका के आगामी अगस्त अंक के लिए प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों एवं शिक्षाविदों से निम्नलिखित तीन श्रेणियों में मौलिक एवं गुणवत्तापूर्ण सामग्री आमंत्रित की गई है:
- 1. दर्शना: बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (FLN) से संबंधित शैक्षणिक दृष्टिकोण, व्यावहारिक अनुभव एवं विश्लेषणात्मक लेख (शब्द सीमा: 1200 से 1500 शब्द)।
- 2. सर्जना: शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं, नवाचारों, शिक्षण गतिविधियों एवं शिक्षण-अधिगम सामग्री (TLM) पर आधारित व्यावहारिक लेख (शब्द सीमा: 1200 से 1500 शब्द)।
- 3. प्रेरणा: प्रधानाध्यापक, शिक्षक, विद्यालय, अभिभावक एवं छात्र-छात्राओं की प्रेरणादायी शैक्षणिक यात्रा पर आधारित संस्मरण एवं लेख (शब्द सीमा: 1200 से 1500 शब्द)।
प्रविष्टि भेजने की अंतिम तिथि एवं आवश्यक शर्तें
इच्छुक लेखक अपनी प्रविष्टियाँ 20 अगस्त 2026 तक आधिकारिक ईमेल पते nipunsamvad23@gmail.com पर भेज सकते हैं।
लेखकों के लिए अनिवार्य विवरण
प्रत्येक प्रविष्टि के साथ निम्नलिखित जानकारी का उल्लेख करना अनिवार्य है:
- लेखक का पूरा नाम
- पदनाम
- विद्यालय का नाम
- प्रखंड का नाम
- जिले का नाम
सभी विद्यालयों तक पत्रिका की उपलब्धता
निदेशालय ने निर्देश दिया है कि 'निपुण संवाद' पत्रिका की पीडीएफ प्रति सभी विद्यालयों तक समय पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि अधिकाधिक शिक्षक एवं शिक्षण संस्थान इसके नवाचारों से लाभान्वित हो सकें।