- जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा एवं साक्षरता), बेगूसराय द्वारा सावित्री +2 विद्यालय उलाव का स्थलीय निरीक्षण कर प्रभारी प्रधानाध्यापक श्री संजीव कुमार के विरुद्ध जाँच रिपोर्ट सौंपी गई है।
- जाँच में चेतना सत्र के दुरुपयोग, अभद्र भाषा, जाति सूचक शब्दों के प्रयोग, शिक्षकों को डराने-धमकाने और कक्षा संचालन में अनावश्यक लाउड-स्पीकर के प्रयोग के आरोप सही पाए गए।
- विद्यालय का मुख्य गेट अकारण बंद रखने, सफाई का अभाव होने, स्मार्ट क्लास व प्रयोगशाला का उपयोग न करने देने तथा अभिलेखों को बंद रखने की पुष्टि हुई।
- पूर्व प्रभारी प्रधानाध्यापक से प्रभार ग्रहण न करने और झूठे आरोप लगाने तथा जनप्रतिनिधियों व स्थानीय लोगों को अपमानित करने का मामला सामने आया।
- लोकहित में श्री संजीव कुमार को स्थानांतरित/प्रतिनियोजित करने और उनके विरुद्ध विभागीय नियमों के अनुसार अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी, बेगूसराय के निर्देश (पत्रांक 1745 दिनांक 22.05.2026) के आलोक में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा एवं साक्षरता), बेगूसराय द्वारा सावित्री +2 विद्यालय उलाव, बेगूसराय का स्थलीय निरीक्षण 25.06.2026 को किया गया। यह निरीक्षण वर्तमान प्रभारी प्रधानाध्यापक श्री संजीव कुमार के विरुद्ध प्राप्त विभिन्न गंभीर शिकायतों की जाँच के लिए आयोजित किया गया था।
जाँच में सामने आए मुख्य बिंदु
निरीक्षण के दौरान विद्यालय के छात्रों, शिक्षकों, कर्मियों, अभिभावकों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से बातचीत और भौतिक सत्यापन के आधार पर 13 प्रमुख बिंदुओं पर जाँच की गई:
- चेतना सत्र व भाषा का दुरुपयोग: प्रार्थना सत्र में माईक से अभद्र भाषा का प्रयोग, नया विचार साझा करने वाले छात्रों/शिक्षकों को मंच से दुत्कारना तथा सत्र समाप्ति के बाद भी धूप में खड़ा रखना।
- शिक्षकों व कर्मियों को प्रताड़ना: शिक्षकों और कर्मियों को मानसिक रूप से परेशान करना तथा वेतन काटने व विभागीय दण्ड दिलाने की धमकी देना।
- जातिगत भेदभाव: छात्रों के विरुद्ध जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करना तथा सफाई व मरम्मत के आवेदनों पर ध्यान न देना।
- कक्षा संचालन में व्यवधान: लाउड-स्पीकर व माईक का अत्यधिक और अनुचित उपयोग कर पढ़ाई में बाधा उत्पन्न करना।
- असमय मुख्य द्वार बंद रखना: मध्याह्न में भी मुख्य गेट पर ताला बंद रखना, जिससे 11वीं कक्षा में नामांकन और 12वीं का प्रमाण पत्र लेने आई छात्राओं को घंटों बाहर इंतजार करना पड़ता था।
- संसाधनों का अनुपयोग: स्मार्ट क्लास एवं प्रयोगशाला को ताले में बंद रखना और क्रय की गई खेल सामग्री को प्लास्टिक बैग में बंद रखना।
- अभिलेखों को अद्यतन न रखना: नामांकन व उपस्थिति पंजियों को अपने पास बंद रखना और ग्रीष्मावकाश के बाद उपस्थिति दर्ज न करना।
- प्रभार ग्रहण न करना: पूर्व प्रभारी एचएम श्री अजीत कुमार द्वारा प्रभार प्रतिवेदन तैयार किए जाने के बावजूद झूठा आरोप लगाकर प्रभार न लेना।
- जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों से दुर्व्यवहार: माईक के माध्यम से ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों के प्रति अपशब्दों का प्रयोग और स्थानीय राजनीति में सक्रिय रहना।
अधिकारी का मंतव्य एवं अनुशंसा
जाँच अधिकारी ने अपने प्रतिवेदन में उल्लेख किया है कि वर्तमान प्रभारी प्रधानाध्यापक श्री संजीव कुमार का व्यवहार और समन्वय विद्यालय के हितधारकों के साथ संतोषजनक नहीं है। उनके आचरण से विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण प्रतिकूल रूप से प्रभावित हो रहा है।
अतः विद्यालय में सुचारू शैक्षणिक व्यवस्था बहाल करने और लोकहित को ध्यान में रखते हुए श्री संजीव कुमार को सावित्री +2 विद्यालय उलाव से स्थानांतरित/प्रतिनियोजित करने तथा उनके विरुद्ध विभागीय नियमों के अनुसार अनुशासनिक कार्रवाई करने की स्पष्ट अनुशंसा की गई है।