आरक्षित कोटि के मेधावी अभ्यर्थियों का अनार्क्षित कोटि में चयन


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पत्रांक
15
दिनांक
17.08.26
विभाग
सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार सरकार
विषय
गुणागुण (Merit) के आधार पर चयनित आरक्षित (Reserve) कोटि के अभ्यर्थियों की गणना के संबंध में।
मुख्य बिंदु
  • सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार सरकार द्वारा पत्र संख्या 11/आ० वि०-20/2026 सा०प्र०-14-910 जारी किया गया है।
  • आरक्षित एवं EWS कोटि के अभ्यर्थी यदि अपनी मेधा (Merit) के आधार पर चयनित होते हैं, तो उनकी गणना खुली गुणागुण (Open Category) कोटि की रिक्तियों के विरुद्ध होगी।
  • बिहार अधिनियम-3/1992, 16/2003 तथा 02/2019 के कानूनी प्रावधानों का शत-प्रतिशत अनुपालन करने का निर्देश सभी विभागों एवं भर्ती आयोगों को दिया गया है।

बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य के सभी विभागों, जिला अधिकारियों, उच्च न्यायालय एवं भर्ती आयोगों (BPSC, BSSC, BPSSC, BTSC आदि) को पत्र संख्या 11/आ० वि०-20/2026 सा०प्र०-14-910 के माध्यम से आरक्षण नियमों का सख्ती से अनुपालन करने का निर्देश दिया है।

विभाग के संज्ञान में आया है कि कतिपय विभागों एवं भर्ती आयोगों द्वारा मेधावी आरक्षित अभ्यर्थियों के चयन में अधिनियम में वर्णित प्रावधानों का शत-प्रतिशत पालन नहीं किया जा रहा है। इसी के आलोक में स्थिति पुनः स्पष्ट की गई है।

मेरिट में आने वाले आरक्षित अभ्यर्थियों की गणना का नियम

बिहार अधिनियम-3/1992 (मूल), अधिनियम-16/2003 तथा अधिनियम-02/2019 के अंतर्गत यह स्पष्ट प्रावधान है कि आरक्षित कोटि तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के उम्मीदवार, जो अपने गुणागुण (Merit) के आधार पर चुने जाते हैं, उनकी गणना खुली गुणागुण कोटि (Open/Unreserved Category) की रिक्तियों के विरुद्ध की जाएगी, न कि आरक्षित कोटि की रिक्तियों के विरुद्ध।

पदों, सेवाओं एवं शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण का ढांचा

मूल अधिनियम एवं संशोधनों के तहत पदों, सेवाओं तथा शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण प्रतिशत निम्नवत निर्धारित है:

वर्ग / कोटि आरक्षण प्रतिशत
अनुसूचित जाति (SC) 16%
अनुसूचित जनजाति (ST) 01%
अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) 18%
पिछड़ा वर्ग (OBC) 12%
पिछड़े वर्गों की महिलायें (WBC) 03%
कुल आरक्षित कोटि 50%

EWS अधिनियम 02/2019 के उपरांत पदों का विनियमन

बिहार अधिनियम-2/2019 लागू होने के बाद सीधी भर्ती और दाखिले में सीटों एवं रिक्तियों का विभाजन इस प्रकार विनियमित है:

  • गैर आरक्षित (खुली गुणागुण कोटि): 40 प्रतिशत
  • आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS): 10 प्रतिशत
  • आरक्षित कोटि (SC/ST/EBC/OBC/WBC): 50 प्रतिशत

शत-प्रतिशत पालन का निर्देश

सरकार के अपर सचिव रजनीश कुमार द्वारा जारी इस परिपत्र में कहा गया है कि आरक्षण अधिनियमों के इन प्रावधानों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए ताकि मेधावी आरक्षित अभ्यर्थियों को अनार्क्षित मेधा सूची में उनका वैधानिक स्थान प्राप्त हो सके।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q1. आरक्षित कोटि के मेधावी अभ्यर्थियों की गणना किस कोटि में की जाती है?
अधिनियमों के स्पष्ट प्रावधानों के अनुसार, आरक्षित या EWS कोटि के अभ्यर्थी जो अपनी मेधा (Merit) के आधार पर चयनित होते हैं, उनकी गणना खुली गुणागुण (Unreserved/Open Merit) कोटि की रिक्तियों के विरुद्ध की जाती है।
Q2. EWS आरक्षण लागू होने के बाद कुल पदों का वितरण किस प्रकार है?
बिहार अधिनियम-2/2019 के अनुसार, गैर आरक्षित (खुली गुणागुण कोटि) हेतु 40%, EWS हेतु 10% और आरक्षित कोटि (SC, ST, EBC, BC, WBC) हेतु 50% पद निर्धारित हैं।
Q3. यह निर्देश किन-किन निकायों एवं आयोगों पर लागू है?
यह निर्देश बिहार के सभी विभागों, विभागाध्यक्षों, प्रमंडलीय आयुक्तों, जिला अधिकारियों, उच्च न्यायालय तथा BPSC, BSSC, BPSSC, BTSC सहित सभी भर्ती आयोगों व चयन पर्षदों पर लागू है।

आधिकारिक दस्तावेज

Topics
bihar reservation rulesgeneral administration departmentmerit candidate countbihar open quota selectionbihar act 3 1992
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