बिहार सरकार के पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान राज्य में संचालित जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावासों के उचित संधारण एवं संचालन हेतु कुल ₹2,14,70,000 (दो करोड़ चौदह लाख सत्तर हजार रुपये) का बजट स्वीकृत कर जिलों को आवंटित किया है। इस संबंध में विभाग के संयुक्त सचिव ऋषि कुमार द्वारा आदेश पत्र जारी कर दिया गया है।
बजट आवंटन का मुख्य उद्देश्य
इस योजना के तहत राज्य के सभी 38 जिलों में स्थित जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावासों के दैनिक रखरखाव, प्रशासनिक संचालन, बिजली आपूर्ति और संविदा कर्मचारियों के मानदेय की निर्बाध व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। प्रत्येक जिले के लिए कुल ₹5,65,000 का प्रावधान किया गया है।
मदवार वित्तीय वितरण (प्रति जिला)
- कार्यालय व्यय (शीर्ष 1301): ₹25,000
- विद्युत प्रभार (शीर्ष 1304): ₹1,00,000
- सामग्री एवं पूर्तियाँ (शीर्ष 2101): ₹2,00,000
- संविदा सेवाएँ (शीर्ष 2802): ₹2,40,000
कार्यान्वयन और प्रशासनिक दिशा-निर्देश
विभाग द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि राशि के निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी (DDO) संबंधित जिले के जिला पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण पदाधिकारी होंगे। वहीं, संबंधित जिलों के उप विकास आयुक्त (DDC) इस योजना के नियंत्री पदाधिकारी के रूप में कार्य करेंगे।
छात्रावास संचालन से संबंधित मार्गदर्शिका पत्रांक-103, दिनांक 21.06.2022 के आलोक में वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर मदवार उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) विभाग को समर्पित करना अनिवार्य होगा।
व्यय की शर्तें और समय-सीमा
- आवंटित राशि की निकासी एवं व्यय वित्त विभाग के पत्रांक-2561 (दिनांक 17.04.1998) एवं अद्यतन नियमों के अनुसार ही किया जाएगा।
- निकासी केवल उसी राशि की होगी जिसका वास्तविक उपयोग 31 मार्च 2027 तक संभव हो सके।
- अनुपयोगी राशि को वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पूर्व विभाग को वापस (प्रत्यर्पित) करना होगा।
- स्वीकृत राशि को किसी भी परिस्थिति में बैंक खातों में संचित नहीं रखा जा सकता और न ही इसका किसी अन्य मद में विचलन किया जा सकेगा।