सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार सरकार द्वारा बिहार सरकारी सेवक आचार (संशोधन) नियमावली, 2026 की अधिसूचना जारी की गई है। बिहार के राज्यपाल के आदेश से जारी यह अधिसूचना भारत के संविधान के अनुच्छेद-309 के परन्तुक के अधीन मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए लागू की गई है। इसके माध्यम से 'बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976' के नियम-9 में संशोधन करते हुए उपनियम (3) का अन्तःस्थापन किया गया है।
नियमावली का विस्तार और प्रभाव
यह नियमावली सम्पूर्ण बिहार राज्य में लागू होगी और बिहार गजट (असाधारण) में इसके प्रकाशन की तिथि (10 अप्रैल 2026) से ही प्रवृत्त हो गई है। अधिसूचना संख्या 3/एम0-04/2026-सा०प्र0/6307 (तथा अंग्रेजी पाठ अधिसूचना सं० 6308) के तहत इसे सरकार के अपर सचिव रजनीश कुमार द्वारा जारी किया गया है।
सोशल मीडिया एवं मैसेजिंग ऐप्स के उपयोग पर प्रमुख दिशा-निर्देश
नये प्रावधानों के अनुसार, कोई भी सरकारी सेवक (स्वयं या छद्मनाम से) विहित प्राधिकारी की पूर्वानुमति के बिना निम्नलिखित कार्य नहीं करेगा:
- सरकारी ईमेल व मोबाइल का उपयोग: आधिकारिक ई-मेल या मोबाइल नंबर का उपयोग व्यक्तिगत सोशल मीडिया खाता बनाने या चलाने के लिए नहीं किया जा सकता।
- पद की गरिमा व प्रतिष्ठा: ऐसी भाषा या सामग्री का उपयोग वर्जित है जो पद की गरिमा गिराए या सरकार की प्रतिष्ठा को क्षति पहुँचाए। अश्लील, भड़काऊ व असत्य पोस्ट पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
- गुमनाम या छद्मनाम खाते: फर्जी, गुमनाम या छद्मनाम से सोशल मीडिया अकाउंट चलाना प्रतिबंधित है।
- आलोचना व समर्थन पर रोक: विशिष्ट व्यक्तियों, कानूनी पेशेवरों, मीडिया घरानों या राजनीतिक दलों का समर्थन अथवा आलोचना नहीं की जा सकती।
- नीतियों व अदालती फैसलों पर राय: सरकारी नीतियों/योजनाओं और सर्वोच्च न्यायालय या उच्च न्यायालयों के फैसलों पर व्यक्तिगत विचार व्यक्त नहीं किए जा सकते।
- कार्यस्थल पर रील्स व लाइव: कार्यालय, बैठकों या शिकायतकर्ताओं के साथ बातचीत की वीडियो/रील्स बनाना, लाइव टेलीकास्ट करना या अपलोड करना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
- कोचिंग व कमर्शियल एक्टिविटी: बिना अनुमति कोचिंग, लेक्चर, वेबिनार, चैट या सोशल मीडिया से किसी भी प्रकार की कमाई करना वर्जित है।
- गोपनीयता व पीड़ित पहचान: गोपनीय सरकारी दस्तावेज, यौन शोषित पीड़िता या जुवेनाइल ऑफेंडर्स की पहचान उजागर करना सख्त मना है। जाति/धर्म के आधार पर टिप्पणी की मनाही है।
- डीपी व प्रोफाइल पिक्चर पर नियम: सांकेतिक विरोध प्रदर्शन, किसी राजनीतिक दल या संगठन के प्रतीक को प्रोफाइल पिक्चर (DP) के रूप में लगाने पर रोक रहेगी। साथ ही किसी को ट्रोल या बुली (Bullying) नहीं किया जा सकता।
विशेष छूट (Apology/Proviso): यदि किसी सरकारी सेवक को सरकार या विहित प्राधिकारी द्वारा इनमें से किसी कार्य के लिए विशेष रूप से अधिकृत किया गया है, तो उसे नियमावली का उल्लंघन नहीं माना जाएगा।
सोशल मीडिया आचार नियमावली का विवरण
| उप-नियम | प्रावधान व नियम का विवरण |
|---|---|
| 3(i) | सरकारी ई-मेल या मोबाइल नंबर से व्यक्तिगत सोशल मीडिया अकाउंट बनाना वर्जित। |
| 3(ii) | पद की गरिमा एवं सरकार की प्रतिष्ठा को क्षति पहुँचाने वाली पोस्ट पर रोक। |
| 3(iii) | व्यक्तिगत दृष्टिकोण एवं पेशेवर जिम्मेदारियों में टकराव पैदा करने वाली सामग्री पोस्ट न करना। |
| 3(iv) | गुमनाम या छद्मनाम वाले सोशल मीडिया खातों का संचालन प्रतिबंधित। |
| 3(v) | राजनीतिक संस्थाओं, मीडिया, विधिक पेशेवरों की आलोचना या समर्थन पर रोक। |
| 3(vi) | सरकारी योजनाओं, नीतियों एवं न्यायालय के निर्णयों पर व्यक्तिगत राय व्यक्त करने पर रोक। |
| 3(vii) | वर्गीकृत अथवा संवेदनशील जानकारी पोस्ट करने पर प्रतिबंध। |
| 3(viii) | व्यावसायिक उत्पाद/सेवा के समर्थन अथवा निजी वित्तीय लाभ हेतु प्रयोग वर्जित। |
| 3(ix) | स्वयं द्वारा पारित आदेशों का सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार न करना। |
| 3(x) | कार्यस्थल, बैठक या शिकायतकर्ता से बातचीत की वीडियो/रील्स/लाइव टेलीकास्ट पर रोक। |
| 3(xi) | कोचिंग, लेक्चर या वेबिनार से सोशल मीडिया पर आय/धनार्जन प्राप्त करने पर प्रतिबंध। |
| 3(xii) | गोपनीय दस्तावेज, हस्ताक्षरित रिपोर्ट व आवेदन पोस्ट करने पर रोक। |
| 3(xiii) | यौन उत्पीड़न पीड़िता/बाल अपराधी की पहचान उजागर करने और जाति/धर्म पर टिप्पणी पर रोक। |
| 3(xiv) | वरिष्ठ अधिकारियों, सहकर्मियों व कनिष्ठ सहयोगियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी वर्जित। |
| 3(xv) | डीपी पर सांकेतिक विरोध/राजनीतिक प्रतीक लगाने और ट्रोलिंग/बुलिंग करने पर पूर्ण रोक। |