शिक्षा विभाग, बिहार सरकार द्वारा राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक वातावरण को सुचारू और सुरक्षित बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किया गया है। निदेशक (प्रशासन)-सह-अपर सचिव श्री सुबोध कुमार चौधरी द्वारा जारी इस पत्र में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को विद्यालयों में अनाधिकृत प्रवेश रोकने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
अनाधिकृत प्रवेश से उत्पन्न होने वाली समस्याएँ
विभाग के संज्ञान में आया है कि बिना पूर्व अनुमति के विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं व्यक्ति माईक, कैमरा और अन्य उपकरण लेकर विद्यालय परिसर में प्रवेश कर जाते हैं। इस प्रकार के अनाधिकृत हस्तक्षेप से निम्नलिखित समस्याएँ उत्पन्न होती हैं:
- शैक्षणिक कार्य में व्यवधान: कक्षाओं में पठन-पाठन और नियमित पाठ्यचर्या प्रभावित होती है।
- सुरक्षा संबंधी चिंताएँ: छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न होता है।
- विद्यार्थियों के विकास पर प्रभाव: शोर-शराबे और व्यवधान से विद्यार्थियों के सीखने तथा ध्यान केंद्रित करने की क्षमता प्रभावित होती है, जिससे उनका सर्वांगीण विकास बाधित होता है।
प्रेस ब्रीफिंग (Press Briefing) के नए नियम
विद्यालय परिसर की सुरक्षा और अनुशासन को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने मीडिया वार्ता के संबंध में स्पष्ट नियम निर्धारित किए हैं:
- विद्यालय की ओर से केवल प्रधानाध्यापक (Headmaster) ही Press Briefing देने के लिए अधिकृत होंगे।
- प्रधानाध्यापक के अलावा अन्य कोई भी शिक्षक या कर्मचारी प्रेस को जानकारी या Briefing नहीं देगा।
यह आदेश पत्रांक BEPC/E-380083/Quality/217/2024/4031 के तहत दिनांक 15 अक्टूबर 2024 को जारी किया गया है और इसे तत्काल प्रभाव से राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में लागू करने का निर्देश दिया गया है।