बिहार विधान परिषद् सचिवालय ने राज्य के सरकारी स्कूलों में छुट्टियों की तालिका और दैनिक समय-सारणी (Time-Table) की पुन: समीक्षा करने के लिए शिक्षा विभाग, बिहार सरकार को पत्र जारी किया है। बिहार विधान परिषद् की शून्यकाल समिति ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के आलोक में केंद्रीय विद्यालयों (Kendriya Vidyalaya) की तर्ज पर स्कूलों के संचालन समय और छुट्टियों की समीक्षा कर आवश्यक निर्णय लेने का निर्देश दिया है।
मुख्य निर्देश एवं बिंदु
मुख्य बातें
- बिहार विधान परिषद् के 209वें सत्र में माननीय सदस्य श्री वंशीधर ब्रजवासी द्वारा शून्यकाल की सूचना दी गई थी।
- शून्यकाल समिति की दिनांक 04.06.2026 को हुई बैठक में SCERT के संयुक्त निदेशक श्री समर बहादुर सिंह के साथ विमर्श हुआ।
- समिति ने केंद्रीय विद्यालयों (KV) की भांति समय सारणी और अवकाश तालिका की समीक्षा करने का निर्णय लिया है।
- शिक्षा विभाग से यथोचित कार्रवाई कर कार्यान्वयन प्रतिवेदन यथाशीघ्र विधान परिषद् सचिवालय को भेजने का अनुरोध किया गया है।
शून्यकाल समिति की बैठक और विषय
बिहार विधान परिषद् के 209वें सत्र के दौरान माननीय सदस्य श्री वंशीधर ब्रजवासी ने शून्यकाल के तहत स्कूलों में छुट्टियों और समय-सारणी से संबंधित विषय उठाया था। इसमें ईद पर पूर्व की भांति 3 दिनों का अवकाश, शनिवार को हाफ-डे, 01 अप्रैल से विद्यालयों का प्रातःकालीन (Morning) संचालन तथा ग्रीष्मावकाश के दौरान पूर्णतः छुट्टी का प्रस्ताव शामिल था। इस संबंध में शून्यकाल समिति ने 04 जून 2026 की बैठक में शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक (SCERT) श्री समर बहादुर सिंह के साथ विचार-विमर्श किया।
केंद्रीय विद्यालय की तर्ज पर समीक्षा का निर्णय
व्यापक विचार-विमर्श के पश्चात शून्यकाल समिति ने निर्णय लिया है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के आलोक में केंद्र सरकार द्वारा संचालित केंद्रीय विद्यालयों (KV) की समय सारणी और अवकाश तालिका को आधार मानकर बिहार के स्कूलों की व्यवस्था की पुनः समीक्षा की जाए। उप सचिव मनोज कुमार द्वारा हस्ताक्षरित इस पत्र के माध्यम से शिक्षा विभाग के सचिव से अनुरोध किया गया है कि समीक्षा उपरांत की गई कार्रवाई का प्रतिवेदन सचिवालय को जल्द उपलब्ध कराया जाए।